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एसटीपीआई सेंटर्स ऑफ़ एंटरप्रेन्योरशिप

एसटीपीआई सेंटर्स ऑफ़ एंटरप्रेन्योरशिप (एसटीपीआई सीओई)

भारत सरकार स्टार्टअप और उद्यमिता के प्रति अत्यंत आशावान है । जिसके विकास के लिए हमारे देश केमाननीय प्रधानमंत्री जी ने 15 अगस्त 2015 के स्वाधीनता दिवस के राष्ट्रीय पर्व पर लालक़िले के प्राचीर से स्टार्टअप्स को विकसित करने का संकल्प लिया । इसी क्रम में 16 जनवरी 2016 को इस नवाचार की कार्ययोजना को तैयार किया गया । इस पहल के तीन आधार स्तम्भ बनाये गए–

1)    प्रक्रिया का  सरलीकरण व हैंडहोल्डिंग को बढ़ावा 
2)   अनुदान समर्थन व औद्योगिक अकादमी 
3)   ऊष्मायन केंद्रों (इंक्यूबेशन सेंटर) का विकास 

इस परिकल्पना को सिद्ध करने के लिए सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क ऑफ़ इंडिया ने सीओई (CoEs) की स्थापना की, जिससे स्टार्टअप्स और उद्यमिता का अनुकूल वातावरण विकसित किया जा सके । 

सीओई एक डोमेन विशेषीकृत इन्क्यूबेशन सुविधा है, जो प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में उभरती स्टार्ट-अप के लिए बनाया गया है जिसमें सर्वोच्च गुणवत्ता व सर्वोत्तम अभ्यास के लिए बुनियादी ढांचा, तकनीक, नेतृत्व, मेंटरिंग, ट्रेनिंग, रिसर्च, विकास व अनुदान नेटवर्क के क्षेत्र पर फ़ोकस किया गया है । एसटीपीआई सीओई (CoEs) नवाचार को सम्पूर्ण भारत में सहयोगात्मक पद्धति से प्रारम्भ किया गया है ।

निर्माण का नेतृत्व करने के क्रम में व नवोदित उद्यमियों के नए पीढ़ी के निर्माण में, उभरती हुई तकनीक जैसे इंटरनेट आफ़ थिंग्स (आईओटी) ब्लाक चेन, फ़िनटेक, आर्टीफ़िशियल इंटेलीजेंस (एआई), ऑग्मेंटेड एंड वर्चुअल रियलिटी (एआर/वीआर, ईएसडीएम, डेटा साइंस एंड एनालिस्ट, मेडिकल इलेक्ट्रॉनिक्स एंड हेल्थ केयर, गेमिंग एंड एनिमेशन, मशीन लर्निंग, साइबर सिक्योरिटी इत्यादि के लिए,भारत सरकार ने सम्पूर्ण भारत में विशेषीकृत डोमेन के रूप में एसटीपीआई द्वारा सीओई की स्थापना की घोषणा की थी। एसटीपीआई सीओई (STPI CoE) नवीन स्टार्ट-अप्स के समर्थन के लिए बुनियादी ढांचा (इन्फ्रास्ट्रक्चर  जैसे हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर लैब), नॉलेज एंड हैंड होल्डिंग, फंडिंग एंड इनवेस्टमेंट के अवसरों, उभरती प्रौद्योगिकियों में नवीन स्टार्ट-अप्स को पोषण देने और नेटवर्किंग करने और भारतको "उत्पादराष्ट्र" बनाने के लिए 360 डिग्री पारिस्थितिकी तंत्र को सीओई (CoEs) की योजना में उपलब्ध कराया है।

एसटीपीआई द्वारा 25 से अधिक नए सीओई की योजना की गयी है जिसमें 20 सीओई (CoEs) उभरती हुई तकनीक में लाँच हो चुके हैं

मूल रूप से सीओई (CoEs) के उद्देश्य व उत्पादकता 

सीओई (CoE)एक ऐसी सुविधा है जिसमें सर्वोच्च मानक तथा सर्वोत्तम अभ्यास, बुनियादी ढांचा (इन्फ्रास्ट्रक्चर) के लिए तकनीक, नेतृत्व, मेंटरिंग, ट्रेनिंग, अनुसंधान एवं विकास जैसी विशेषीकृत क्षेत्रों का समावेश किया गया है ।

सीओई

उद्देश्य व उत्पादकता

  • जीवंत प्लेटफ़ार्म व 360 डिग्री
    स्टार्टअप्स को
    सहयोग प्रदान करना 

  • उद्यमिता पोषण, नवाचार एवं
     ज्ञान विनिमय 

  • उभरती हुई तकनीक का नेतृत्व निर्माण 

  • स्थानीय रूप से स्टार्टअप्स को
    विश्वस्तरीय श्रेणी आईटी/ईएसडीएम उत्पादक बनाना

  • प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोज़गार 

सीओई (CoEs) के जीवन चक्र के विभिन्न चरण व ऊष्मायन (इंक्यूबेशन) स्टार्टअप्स 

  • विभिन्न मीडिया और चैनलों के माध्यम से सीओई (CoEs) के विषय में जागरूक करना

  • प्रस्तावों की स्वीकृति

  • पूर्व निर्धारित मानदंडों के आधार पर नियुक्ति

  • नवाचार विकास हेतु अकादमिक व उद्योग जगत के प्रतिष्ठित व्यक्तियों की नियुक्ति

  • पीओसी (POC) का विकास

  • उत्पादों का विकास

  • बाज़ार सम्बंध व निवेशकों/कुलपतियों से निवेश के लिए विमर्श

स्टार्टअप्स के लिए सहयोगी अनुकूलित वातावरण का निर्माण

 
  • सरकार:

    MeitY, एसटीपीआई, राज्य सरकारें एवं अन्य सरकारी एजेंसियाँ

  • उद्योग :

    डोमेन व तकनीकी सहयोगी, ज्ञान वर्धन सहयोगी एवं औद्योगिक संघ

  • अकादमी :

    अकादमिक, सलाह एवं प्रशिक्षण सहयोगी

  • निवेशक :

    धन निवेश, एजेंसियाँ, उद्यम आधारित पूँजीपति एवं स्वतंत्र निवेशक

आवश्यकता पड़ने पर और  मूल्यवर्धन के लिए अतिरिक्त साझेदारों की भागीदारी

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